नाजुक होती है बेबी की स्किन, जानिए कैसे रखना है गर्मियों में उसका ख्याल

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गर्मियों का मौसम हर तरह की स्किन और बालों के लिए ढेर सारी चुनौतियां लेकर आता है। इस मौसम में क्लीनिंग और केयरिंग दोनों से जूझना पड़ सकता है। पर जब बात बच्चो की आती है, तो स्थिति और भी जटिल हो सकती है। असल में शिशुओं और छोटे बच्चों की स्किन कोमल होती है। उन्हें अधिक केयर की जरूरत होती है। उनके लिए हम किसी भी रासायनिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसलिए यह जानना जरूरी है कि आप गर्मियों के मौसम में बेबी की नाजुक स्किन (Tips to take care of baby skin) और स्कैल्प का ख्याल कैसे रखें।

गर्मियों का मौसम और बेबी स्किन केयर 

छोटे बच्चों और शिशुओं की स्किन बहुत नाजुक होती है। वे गर्मी और सर्दी दोनों के ही प्रति ज्यादा रिएक्ट करती है। पर उन पर किसी भी ऐसी चीज़ का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, जिसमें अतिरिक्त खुशबू या रसायन शामिल हों। इस मौसम में बेबी के स्किन फोल्ड्स पर पसीना और गंदगी जमा हो सकती है। अगर इसे सही तरीके से साफ न किया जाए, तो उन्हें स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए यह जरूरी है कि उनके लिए हल्के साबुन और शैंपू का इस्तेमाल करें। नहाने से पहले तेल से स्किन की मालिश करने से स्किन मुलायम और साफ रहती है।

मालिश है सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण 

शिशु की केयर में सबसे महत्वपूर्ण शिशु की मालिश है। मालिश से स्वस्थ भावनात्मक विकास भी होता है। आयुर्वेद में, मसाज को थैरेपी का एक रूप माना जाता है और यह शरीर व मन दोनों को स्वस्थ बनाए रखने का एक बेहतर तरीका है। मालिश के कई फायदे होते हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है और मसल टोन व विकास होता है।

oil massage baby ke liye faydemand ho sakti haiगर्मी में भी आप बेबी की ऑयल मसाज कर सकती हैं! चित्र : शटरस्टॉक

कैसे चुनें मालिश वाला तेल 

आयुर्वेदिक प्रणाली के अनुसार मौसम के हिसाब से तेल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। गर्मियों में जैतून, नारियल और सूरजमुखी का तेल इस्तेमाल करें जबकि सरदियों में बादाम का तेल और सरसों का तेल अच्छा होता है। तिल का तेल किसी भी मौसम में लगाया जा सकता है। आप इनमें से कोई भी शुद्ध तेल ले सकते हैं। बच्चों के लिए अधिक परफ्यूम वाले तेल का इस्तेमाल न करें।

कैसे क्लीन करें बेबी के स्कैल्प 

बालों को स्वच्छ व साफ रखना जरूरी है। नियमित तौर पर शैंपू करना जरूरी है। शिशुओं की स्कैल्प पर भी पपड़ी जम सकती है। स्कैल्प को खींचना नहीं चाहिए। रूई से बेबी ऑयल लगाएं। तेल को एक दिन के लिए छोड़ दें और फिर बेबी शैम्पू से बालों और स्कैल्प को धो लें, जिससे आंखों में जलन न हो। बच्चों को सिर धोते समय आगे से पीछे की ओर पानी डालें और ध्यान रखें कि पानी चेहरे पर न गिरे।

इस तरह करें बालों को साफ 

सिर में जुओं की समस्या बच्चों में बहुत आम है। सिर की जुओं को हटाने के लिए सेब का सिरका कारगार उपाय है। सिरके को स्कैल्प और बालों पर लगाएं। आधे घंटे के बाद जूं की महीन कंघी से कंघी करें। निट्स (अंडे) को हाथ से निकाल लें।

Baby ki scalp ko thik tarah se clean karenबेबी की स्कैल्प को ठीक तरह से क्लीन करें। चित्र : शटरस्टॉक

सिरका जूं और निट्स को ढीला करता है और उन्हें निकालना आसान हो जाता है। फिर बालों को शैंपू से धो लें। शैम्पू के बाद, एक मग पानी में दो बड़े चम्मच सिरका मिलाएं और आखिर में बालों पर डालें। जूं की महीन कंघी से फिर से कंघी करें। ऐसा रोजाना एक हफ्ते तक करें।

नीम की पत्तियां भी हो सकती हैं फायदेमंद 

जुओं के लिए एक अन्य उपाय है पानी गर्म करके उसमें नीम की पत्तियां मिलाएं। उबाले नहीं, लेकिन धीमी आग पर इसे कुछ मिनट के लिए रखें। फिर नीम की पत्तियों को रात भर पानी में रहने दें। अगले दिन पानी को छान लें। ठंडे पानी को बालों धोने के बाद आखिर में डालें। महीन कंघी से कंघी करें और निट्स को हाथ से निकालें।

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